समधन जानी
समधन छिनरी नाचे
समधन छिनरी नाचे
धोलकिया बजाएके
लहंगवा उठाएके
गारी देवे रंदी
दुवरिया बुलाएके
समधन छिनरी नाचे
घुंटा के भीतर से मारे नजरिया
सबको दिखावे वो अपनी अटरिया
बाते करें समधी से
रंदी इठ लाएके
लहंगवा उठाएके
समधन छिनरी नाचे
नवा से राजी का हरवा से राजी
टापते रहे गए मुल्ला काजी
सोवे वो कुठरिया में
लोंडे छुपटाएके
लहंगवा उठाएके
समधन छिनरी नाचे
गुर गुर गालों पे काला गुदनवा
सारे बरतियों का व्याकुल है मनवा
लूटे मोज रंडी
कमरिया ही लाएके
लहंगवा उठाएके
समधन छिनरी नाचे
धोलकिया बजाएके
लहंगवा उठाएके
गारी देवे रंडी
दुवरिया बुलाएके
समधन छिनरी नाचे