कुटारी से
कुटारी से
लेखने लेखने
लेखने लेखने
कोई सोनी
पिस्टिक के दागी लागल
दादा हो देखे दिनमेया घीला गलबा
कभी हो ना गल्टी दोबाधारी से
दोबाधारी से
जदी मिले जैवा सब तिन खेलाडी से तुहें कट दे हव राजा कुदारी से
उकरा दुबारी राजा जय होना
उकरा से अब बतियोई होना
उल्हूडाव तर ओही जे जिनोट हो
लागता राजा कर जब पचोट हो
हद कटे बड़ा इधेन नहीं धरेगा पिया अपना
मन के कोरे लोपीया दूर रोहो इसनो
नारी से
नारी से जदी मिले जैवा सब तिन खेलाडी से तुहें कट दे हव राजा कुदारी से
कुदारी से
कुदारी से
कुदारी से
हमारा के बूज़वता रोतू हूं बागल
बूज़ला
जदी मिले जैवा सब तिन खेलाडी से तुहें कट दे हव राजा कुदारी से