जानिला तुहवा बाडा छोली छोर देवरु
आवेला भोर देवरु पिला झकज्जोड देवरु
खागुन ते ऐसन माहिनमाई देवरु
पियानिर्मोही बसे प्रारो देशावा वो लिखेली के कर संभवा हो
आवान भावजी धिरस गालती पुलन तुहारे लगवारो
शोभडोके निकलागे पता लगो
लिखलागा मरे साँधावो
अरे का भुजलो ये भावजी
जनिला तुहावा बड़ा छोली छोर देवरो
आवेला भोर देवरो दिला झकजोर देवरो
बाड़ी डर लगे देवरो
काईसे डलबरो रोगामा
गाल में सदेला केहु होने के बहानामा
बुछाई
भाईया के भुलाई जाया जेवराभापास
जैसे कहाँ वो डाल देहाव करा भी साभास
छे देवोने जानी डलभाई
देवरो लसनस कोरे बादानामा हो
आबा मैं भावजी धीरस डालती छोली मैं कोहार दानामा हो
भाड़ो के लिके लागी पतर तो भोली खेलाल हर साँभावा हो
लाथलभावा बाड़ा छोली छोर देवरो आबेला भोर देवरो बिला झकज्जोर देवरो
फिराबाक छोड़ नही केहो से डाल वावणी
साल भर के होली देवरो तोह के बूलावणी
अच्छो तलगाला