हरे पगली, हरे पगली,
हरे पगली तेरे प्यार में हम दीवाने हो गए हैं
इश्क में तेरे रत बर जग के हम तो पागल हो गए हैं
हम तो पागल हो गए हैं
दुरे पगली तेरे प्यार में हम दीवाने हो गए हैं
जब जब देखे निनो का भी हर पिछ पीछे आते हैं
मुड़के जब देखती हो हम छिप जाते हैं
गुलाब जैसन कोमल देही आमन करे हाथवा सच्छूले
मागी दुआ में आज तुझ हर जनम में मिले
नाजु कली जैसे हो तुम हम सूखे कितवा हो गए हैं
दुरे पगली तेरे प्यार में हम दीवाने हो गए हैं
आश्मन से आई हो तुम लगती हो रणिपारी
पता नहीं तुम कैसे किये हम पे जादूगरी
देखे के मुझे को दर्द होता है गाल चुमे कन बाली
दिल में मेरे जाग पड़ा है तेरे लिए खाली
तुझसे मिलने के लिए जन कितने बहाने हो गए हैं
दुरे पगली तेरे प्यार में हम दीवाने हो गए हैं