ए भईया!
काई है भईया?
अरे ये समझ बिहार में जोन बारा
एकदम मेहरारू को नई नई घुमत बाती हो
कैसन कैसन भाईया?
अवह ता हम बतावे जाते हैं का
की अरे भबुनी बिहार वाली कहाँआ तु जयेदू
भबुनी बिहार वाली कहाँआ तु जयेदू
बदरी
लगा के कहाँ भिजुरी घिरेबू
भबुनी बिहार वाली कहाँआ तु जयेदू
भबुनी बिहार वाली
कहाँआ तु जयेदू
भबुनी बिहार वाली कहाँआ तु जयेदू
आरा भोजपूर गया शापराचिवान में
राचिव कारो धना बादवाली खान में
राचिव कारो धना
बादवाली खान में
राचिव कारो धना बादवाली खान में
कहा कहा या
पंतु जदू वचलेगू
भबुनी बिहार वाली कहाँआ तु जयेदू
भबुनी बिहार वाली
कहाँआ तु जयेदू
बाते लखन वासू घर राज धानी
बाते लखन वासू घर राज धानी
सधी अकलार सरकप जमानी
अरे जुर्मी जुर्मी अरे जुर्मी नजर से तु बचना ही पईवू
भबुनी बिहार वाली कहाँआ तु जयेदू
जी अरे गाजी पूर भलीया
आओ गाजी पूर भलीया
समझरी के हो चली हाँ
गाजी पूर भलीया सा
मर के हो चली हाँ
आरे या जंगल माऊं में बात मत करी हाँ
आरे या जंगल माऊं में बात मत करी हाँ
आरे या जंगल माऊं में बात मत करी हाँ
आरे या जंगल माऊं में बात मत करी हाँ
आब बेचन कभी राना की ज्हासा में जयेदू भबुनी बिहार वाली कहाँआ तु जयेदू
भबुनी बिहार वाली कहाँआ तु जयेदू
अरे बदरी लगाके खाँ बिजुरी गिगईदू
भबुनी बिहार वाली कहाँआ तु जयेदू
भबुनी
बिहार वाली कहाँआ तु जयेदू