भीकती रातें भीकता समाँ
तेरे बिना लगता अधूरा जहाँ
भून्डों के साथ तेरा जिक्राए
दिल ये फिर से तुझे चाहे जाए
बारिश में तु मेरी दूआ बने
तेरे साथ दिल फिर नया लगे
तेरे बिना सब कुछ खोया सा है
तुही तो मेरा जहाँ सा है
तेरे कदमों का पेगाम भीगा
मेरे दिल ने तुझे फिर से देखा
हर बूंड में तेरा नाम लिखा
तु मिला तो सब कुछ ठीक लगा
बारिश में तु मेरी दूआ बने
तेरे साथ दिल फिर नया लगे