शोर था जहाँ एक दिन वहाँ राह क्यों वीरा
रंग थे जहाँ एक दिन वहाँ क्यों बिरांगिया
सोचती आजाद जो कभी कैद क्यों हुई हाँ
खो गया है वक्त वो कहां डूंड ले उसे यार
बड़ा मुश्किल है इस दुनिया में दिल की राह पे चलना
उधर है खौफ के पहरे उन्हें है तोड़ के चलना
इस जुल्म से लड़ना है तो उठ बांद कमर क्या डरता है तुर दे
तुरा क्या करता है
उठ बांद कमर क्या डरता है
उठ बांद कमर क्या डरता है
क्यों किसी के दोड में चले बेबसी है ये क्या
क्यों उबरता दर्द हम सहे सर्द हर लंगा
वक्त ये बाकी है जो अभी
जो दिल का था कभी फिर से चल पड़े हाँ
अगर सुन ली मैंने इनकी तो सारी जिन्दगी मेरी गुजर जाएगी
इस कर में न हो जाए रुस्वार कोई
इस दुल्म से लड़ना है तो उठ बांद कमर क्या डरता है
तुर देख तो ना क्या करता है
अगर सुन ली मैंने इनकी तो सारी जिन्दगी मेरी गुजर जाएगी
इस कर में न हो जाएगी तो सारी जिन्दगी मेरी गुजर जाएगी
इस कर में न हो जाएगी तो सारी जिन्दगी मेरी गुजर जाएगी
इस कर में न हो जाएगी
इस कर में न हो जाएगी