कहाँ खोया बैठा है तू गुम्सुम हुए
है तेरे इंतिजार में ज़िन्दगी
बस एक कदम बढ़ाने की देर है
मेरे दोस्त
चल जी ले जिन्दगी
खोया कहां तू गुम्सुम हुए बता
मुस्कुरा दे ज़रा जन्दगी
सुबहा की लाली तुझसे फिर कहे
है तेरे ही लिए हर खुशी
तो क्या हुआ दिल तूटा है तो तूट जाने दे
इस पल में जी ले जिन्दगी जिन्दगी गंबात ले तू
सबकी दे कर खुशी फुरसत से जी ले जरा ये जिन्दगी
गंबात ले तू सबकी दे कर खुशी
फुरसत से जी ले जरा जिन्दगी
तेरा ही तो सपना था दिलों को छूने का
छुत क्यू तू फिर रह गया
तेरा ही तो कहना था यूँ साथ चलने का फिर कैसे तनहा रह गया
दून्डता है जिसे दून्डता जिसे वो तो है तू ही जिन्दगी
फिर क्यू
एसे मायूस बैठे तनहा तू रोए जिन्दगी
तेरा ही तो सपना था दिलों को छूने का छुत क्यू तू फिर रह गया
तेरा ही तो कहना था यूँ साथ चलने का फिर कैसे तनहा रह गया
तेरा ही तो सपना था दिलों को छूने का
छुत क्यू तू फिर रह गया
मेरे दोस्त चल जी ले जिन्दगी