ये दिल की मजबूरियां और ये प्यासी ने नुलखन की इस रात में
दो दिल हैं बेचें ये दिल की मजबूरियां
पूछ रहा है चान वदण का हम क्यों है मजबूर
पूछ रहा है चान वदण का हम क्यों है मजबूर
साथ है दोनों, कास है दोनों, फिल भी कितनी दूर
किस दर में, किस कोच में, खीना इनका चैन, ये दिल की मजबूर्या
अपनी मन्जिल पे आकर भी, किन ये दिल खबराई, दिल खबराई, नीमाई, हर राहत छोपाई
अन्जानी कित देखी, कातिल कच्छा
केनर, ये दिल की मजबूर्या
प्यार अगर है पाप, तो बतला है दुनिया नदा
प्यार अगर है पाप, तो बतला है दुनिया नदा
दुच में
प्यार अगर है पाप, तो बतला है दुनिया नदा
ऐसा क्या है जिस पर नाज करें इन्तार।
कुछ ना तोझे पीपने जब उल्खे दोने ये दिल की मजबूरिया।
और ये प्याते ने ये दिल की मजबूरिया।
कुछ ना तोझे पीपने ये दिल की मजबूरिया।