पच्चिन थियो अमाई, ये शक्ति है
जोठ संच बोली के धरावसे
रोजे मिले जाओ तु बड़ू ये रावसे
देखो नी हरी लावा बयो चोके में
घूम तारू काबाण के धरावसे
मौलो तारू हा नदी कामोरी ये में
कारे तू यो काई के यो नारी ये में
उठे डीस तो हर बीस के उमारी ये में
उठे डीस तो हर बीस के उमारी ये में
राज खूली गाज गिरी तो रण माथे
सहर कब काब बोधारी ये में
राज खूली गाज गिरी तो रण माथे सहर कब कब बोधारी ये में
आपको प्रश्चाद प्रश्चाद प्रश्चाद प्रश्चाद