आजो यावा भोरे नाति तो आस्मान जहाँ बाति
लेई के घुम तार साथी सब्देश भोरे के गोयिल कोई दिठ्तार रा ते
लेई के घुम तार साथी सब्देश भोरे के गोयिल कोई दिठ्तार रा ते
आज यावा घोरे नाती तो हस्तूर दे हब बाती
हम करी काम तू तरोहेल फोटाने में पापा के पैसा कुल हे डूब गोईल पार्ने में
खा खा के फूल गोईल बड़ो जैसे हा
आज यावा घोरे नाती तो हस्तूर दे हब बाती
आज यावा घोरे नाती तो हस्तूर दे हब बाती
आज यावा घोरे नाती तो हस्तूर दे हब बाती
आज यावा घोरे नाती तो हस्तूर दे हब बाती
आज यावा घोरे नाती तो हस्तूर दे हब बाती
आज यावा घोरे नाती तो हस्तूर दे हब बाती
कोलो दिवाना तो हर चोर न सोहाला घुसे ना देहब घर में मार बिया जिताला
कोलो दिवाना तो हर चोर न सोहाला घुसे ना देहब घर में मार बिया जिताला
को बोले ये जिवा बोलो हो जाती जाती आजे आवा घोरे नाती तो हर चोर देहब बाती