सिद्धित त्रीमा जए हो सिद्धित त्रीमा
ओ
आधिशक्ति के वन्दन गाऊँ
सिद्धित त्रीमा के कथा सुनाऊँ
एसिति दापि जैजेमा
आधिशक्ति तिरी जैजेमा
ओ एक बार
भोले शिवशंकर
तप करते एकांत में जाकर
सिद्धित
त्रीमा नाम का जा
करते है शिवशंकर भोले नात
ओ गोर
तपस्या
वो करते हैं सिद्धित त्रीमा को खुश करते हैं
करे तपस्या शिव भगवान
सिद्धि तट्र का करते ज्याल
करे थमता शिवनाए करते हैं
चहरे पर
लाकर मुस्कान
बोली मा मांगो वर्डान
शिव भोले
आखे कोलो
क्या इचा है
मुह से बोलो
हे शिव शंकर क्रिपानिधान मुह मांगा लेलो वर्डान
मुह मांगा लेलो वर्डान
अश्ट सिद्धियों का वर दे दो
मुझ को ये एच्छित महवर दे दो
हे कल्याणी हे दयावान दे दो वस इतना वर्डान
ओ माने वर्डान किया है वह से फिर प्रस्थान पर प्रस्थान
किया है शिद्धिया क्रिये करे पूरण का
तुम्हे नमन है तुम्हे प्रणाम
आदशरीर नारी का पाए अरद नरी का पाए अदशरीर नारी का पाए
अरद नरी श्वर शिव कहलाए
नमोशिवाय ओ
नमोशिवाय
अरद नरी श्वर नाम काए
शिव कहलाते है अरद
नरी श्वर
अरद नरी श्वर पावन रूप
अतिमन भावन देगे स्वरूप
ओ अरद नरी श्वर नाम कहाए तीनो लोक में
पूजे जाए
शंकर भोलेना
अरद नरी श्वर बन गया
ओ
आदि शक्ति है रूप है सारे
अलग अलग है नाम तुम्हारे
आभी भावानी तुम हो माँ जड़ कल्याणी तुम हो माँ
ओ नव में जब
नव रात के आए हर कोई तुमको ही मनाए
जब पर है मां किरपा तुमारी
रखना मैया लाज हमारी
पल पल साथ निभाना मां अमको भूल न जाना मां
ओ शरण रहे सुख देव तिहारी किरपा रहे महादेव तिहारी
तुम्हे नवन है तुम्हे प्रणाम रहे जुबा पर मां यही नाम