मुसीबाई महादेव स्टूर्यो
उबना बड़ खड़ जाओ आप कठे मने
कह दो सा कोई चाले है त्या कर यार तारो मने
लागे सा,
लागे सा
उबने ही कर मत सक बेबात मारा बर हामा हाँ
उनही कोई तो दिल में यार थारे सिवा दूजी सा,
दूजी सा
बनी नई मेडो
इनसान जुदग करो सागे सा,
उबने ही कर
मत सक
बेबात मारा बर हामा हाँ तुम्हारे सिवा दूजी सा,
उनही कोई तो दिल में यार थारे सिवा दूजी सा,
दूजी सा
बदी मत बोलो मन आप चैले कोई चडिया सा,
मैं तो हुथारो जी
बरतार ते मारी मरवन सा,
उबने ही कर मत सक बेबात मारा बर हामा हाँ,
उनही कोई तो दिल में यार थारे सिवा दूजी सा,
दूजी सा