दरग होता राते वाला खेल में से
मला तानी सरसो के देल से
मान करे कट जाए रेल से
रोवा तानी रूज के जमेल से
दरग होता राते वाला खेल से
मला तानी सरसो के देल से
दरद हो तारा देवा लखेल से मलो तानी सोरो सुके तेल से
पूछा ता नहीं परेसानी बाँ हानी बाँ
पराता खुबे पानी पानी बाँ काटा ते चानी
बाँ अच्छा के में हरा दंगा लाई धरता हमारा पतनी ना भाला ही करता
नुचेला उदेहिया के नेरसे बानी परेसान तेला वेलसे
दरद हो तारा देवा लखेल से मलो तानी सोरो सुके तेल से
दरद हो तारा देवा लखेल से मलो तानी सोरो सुके तेल से
मारा देवना खेल से, मलो तानी सोरो सुके तेल से
मा जाओ खाली इन मूटा का देह तूटा का
धोई के चंचल खुब सूटा ता धाना कूटा ता
पहिले तो हमके पुलावेला, फेरू तो माझा उठावेला
खेला कर देखी किल्यों के रुसे, मारे ओसा लोक गुर्देल से
दरद हो सारा तेवाला खेल से
मौला तानी सौरा सुके तेल से
दरद हो सारा तेवाला खेल से
मौला तानी सौरा सुके तेल से