इक ओ अंकार
सत्गुर्परसाद सलोक महला नवा
गुन गो बिंद गायो नहीं
जनम यकारत पीन
कहो नानिक हर पजमना
जिबिद जल को मीन
बिकेन स्योंता हेर चेयो निमक नहो हे
उदास कहो नानिक पजमना पारेन जम की पास
तर नपो यो ही गयो लियो जरातन जीत कहो नानिक पजमना आओधी जात है बीत
बिर्द पे ओ सोजे नहीं काल पहुँच ओ आन
कहो नानिक नर्बावरे क्यो ना पजे पगवान
तान दारा संपत सगल जिन अपनी करमान
इन में कच संगी नही नानिक साची जान
पत युतारन पेहरन हर आनात के नात कहो नानिक ते जानिये सदबस्त तुम सात
तन तन जेतो को दियो तास उने हो नकीन
कहो नानिक नर्बावरे अब क्यो डोलत दीन
तन तन संपेः सुक दीन आर जेहनी के ताम
कहो नानिक सुन रेमना सिमरत काहे नराम
सब सुक्ताताराम है दूसर नाहेन कोई
कहो नानिक सुन रेमना एस मरत कत होई
एस मरत कत पाईं ए पजरे तैमीत कहो नानिक सुन रेमना अधिकट तैनीत
पाच तात कुता नरच जानो हो चत्र सो जान
जेते उप जिवनान का लिन ताहे मैमान
काट काट मेहर जूब से संतन कहे उपकार
कहो नानिक तेहे पज मना पउणिद उतरे पार
सुक तुक जेह पर से नहीं लोब मोहो अभिमान
कहो नानिक सुन रेमना सो मूरत बगवान
उस दिन निते आनाहे जेह पंचन लोहो समान
कहो नानिक सुन रेमना उक्त ताहे तै जान
हरक सोख जा कहे नहीं बैरी वीट समान
कहो नानिक सुन रेमना उक्त ताहे तै जान
तै कहों तो देत नहें नहें पैमान तै आन
कहो नानिक सुन रेमना ज्यानी ताहे बखान
जेब के आसक लीत जी ली ओ पेख बैराग
कहो नानिक सुन रेमना पेनर माथ है पाग
जेह माया ममता तजी सब ते पयो दास कहो
नानिक सुन रेमना ते कट ब्रह्म निवास
जेह प्राणी हो मैं तजी करता राम पचान
कोणानिक वो मुक्त नर एमान साची मान
पैनासन दूरमत हारन कालम हर को नाम
निस दिन जो नानिक पज़े सफल होए ते काम
जेह बकुन को बिंद पजो करन सुनो हर नाम
कहो नानिक सुन रेमना पर न चमके ताम
जो प्राणी ममता तजे लोब मुह अंकार खोनानिक
यापन तरे औरन लेते उदार
जो सुपना अर्पेखना ऐसे जग को जान इन में कच साचो नही नानिक बिन पगवान
निसिदन माया तारने
प्राणी डोलत नीत
पोटन में नानिक को
नारायन जेचीत
जैसे जलते भुदभुदा उपजबिन सेनीत जग रचना तैसे रची कहो नानिक सुनमीत
प्राणी कचून चेत यी माद मया के अंद
कहो नानिक बिन हार पजन पर्दता है जमभंद
जो सुख को चाहे सदा
शर्णराम की ले
कहो नानिक सुन रे मना
धुलब मानुख दे
माया कारण ता वही उर्ख लोग जान
कहो नानिक बिन हार पजन बिटता जनम से रान
जो प्राणी इस दिन पज़े रूप राम ते है जान
भारे अंतर नही
नानिक साची मान
मान माया में भद रहे ओ
बिसरे ओ को बिंद नाम कहो नानिक बिन हार पज़न जीवन कोने काम
नानिक बिन हार पज़न जीवन कोने काम
नानिक बिन हार पज़न जीवन कोने काम
कुंति
जतन बहुत में कारे रहे ओ
भिटे ओ नमान को मान दुरमत सो
नानक फदे ओ राख ले हो बगवान
बाल जुवानियार बिर्द फुन तीने अवस्था जान
काहो नानक अर पजन बिन बिर्द सब ही मान
करनो हुतो सुना कियो
परे लोब के फंद
नानक समयो रम गयो
अब करो बत यंद
मान माया में राम रहे ओ
निकसत नाहे नमीत
नानक मूरत चित्र जो
छाड़त नाहे नपीत
नार जाहत कच और औरे की औरे परी
चित्वत रह ओठ गओर नानक पासी गल परी
जदन
बहुत सुक के किये
दुख कुप यो न कोई पाहो नानक सुन रे मना भार
पावे सो होई
जगत पिखारी
थीरत
सब खुदाता राम पाहो नानक मन सिमरते हे
पूरन होवे काम
चूथ मान कहा कर
जग सुपने जो जान
इन में कच तेरो नही नानक कहे ओब खान
गर्ब
करत है देहे को बिन सचन में मीत
जेह प्राणी हार जस कहे ओ नानक ते जग जीत
नानक प्राणी गे नाहे मन जैसे सूकर स्वान
नानक मानो ताहे तान
सुवानत जग नही नित नानक एह विद हार पजो एक मन होई एक चित
इरित बर्त
अरदान कर मन में तरे घुमान
नानक ने फल जात तेहे जो कुंचर इस नान
सिर्फ प्यो पाग टगमगे
नैन जोत तेहीन कहो नानक एह विद
पई तऊ नाहर रसलीन
नेज कर देखेओ जगत में को कहो को नाहे
नानक थीर हार पगत है तेहे रखो मन माहे
जगर चना सब चूठ है
जान दे हो रे मीत
कहे नानक थीर ना रहे जो बालू की टीत
नहीं
सुपने जो संसार
येहे मारग संसार को नानक थीर नहीं कोई
जो
जो सो बिन सहे परो आज के गाल
नानक हर गुन गाले
चाण सबल जंजाल
दोहे रा बाल चुट्ट बंदन परे
तचु न होते पाई काहो नानक यब ओट हर गाज़ जियो हो साहाई
बाल हो आ बंदन चुट्ट
साविक च होते पाई नानक साविक च तुम्हरे हाथ मैं तुम ही होते साहाई
संग सक्खा सब तज़ गये ओ ननिब यो साथ काहो नानक एं बिपत मैं एक एक रगुनाथ
नाम रहो साधू रहो रहे ओ गुर कोबिंद
काहो नानक एं जगत मैं इन जगते ओ गुर मंत
नाम और मैं गहे ओ
जा कसम नहीं कोई
जे सिमरत संकट मिटे दस तुहारो होई
जगत मैं इन जगत मैं जगत नाम और मैं गहे ओ
जा कसम नहीं कोई
जे सिमरत संकट मिटे दस तुहारो होई