सोईं बोरा चाई लेखा
चाई लेखा
सोईं बोरा चाई लेखा
आरुज का जुवेदा मुखी आईला
भोर देहीया में तिलावाला गाईला
रोज काजुवेदा मुखी आईला
भोर
देहीया में तिलावाला गाईला
तो गुनाओ गुना लेखा
खतर बातरे सोखी
तो गुना लेखा खतर बातरे सोखी
साहीं मुझ चाई
लेखा पुछलो
साहीं मुझ चाई लेखा पुछलो
चाई लेखा
खाये पीए में करीला न कामी, तब बाड़े काहे आईसे हो
ओहो में हाइट छोपित के बाटे,
पतरे पूल लागे जैसे हो
पड़ाल जिन्दगी में आईओ, फटरे बाटे दे सोखी,
सइया मर चैलेखा फटरे बाटे दे सोखी
सोईया मर चैलेखा फटरे बाटे दे सोखी
सोईया मर चैलेखा फटरे बाटे दे सोखी
सागर रजनी के उमर बकों में होईत प्यार भोरी बोरा हो,
मन करे धाके सुती एक वारी,
आवेले नहीं भोर कोडा हो, आवेले नहीं भोर सुता रहो
सत्रे माऽखरे Won.
बुझलो