शात कारे नथी चाप
चाप चाप चाप
सदकों पे उतरी सोच
रात का हो शोर
सपने वाले घर या तूटे काच का फ्लोर
हवाऊं में उठता मन पर दिल है जमीन पे
आग से जो गुजरे वो ही चमका है शीशे में
जिन्दवी का रस्ता
उलजन का दस्तान
कहीं खुशी का मेला
कहीं गंग का मेदान
पैरों के ज्ञाले
फिर भी कदम मजबूत
एक बल का सुकूं फिर गिरती खुशी की चथ
छोटी गलियों की बात बड़े सपनों का दौर
भीड को तोड़ कर दिल बना ले एक मौर
बीच समुंदर में है है जिद का एक नाव
दूबने का डर और जीत का जज़बा आप
दरपुक था पहले अब स्वैग वाले छेहरे
रासते के ठली एक एक मूरे को भेडे
जोनकों के साथ बेहन या तुफान से लड़ू
मैं खुद का डूढू राज धुनियां को बड़ लून
जिन्दरी का रस्ता
उलजन का दस्तान
कहीं खुशी का मेला कहीं गम का मेदान
पैरों के चाले फिर भी कदम मजबूत
एक पल का सुगूं फिर गिरती खुशी की च्छत
दिवाली के दिये या यादों के अंधेरे
मौज ले या चिला के खुद से तु फेर ले
छोटी मोटी प्राबलंस एक लाइफ के मज़े
रंगो का रंगमन है तो क्यूं परिशान सब से
क्यूं
परिशान से
दिवाली के दिये या यादों के अंधेरे
मौज ले या चिला के खुद से तु फेर ले
छोटी मोटी प्राबलंस एक लाइफ के मज़े
रंगो का रंगमन है तो क्यूं परिशान सब से
Đang Cập Nhật
Đang Cập Nhật