तू ता पसान बाड़ू एहा
मरदान हो
कौई ही बतियाओं गए दिल में बाते जावन हो
जूट बोलता हैं दूर।
समीले कहाते हैं तुहार पसान
तू ता पसान बाड़ू एहा मरदान हो
निक लागेन सुट सालावार जब से भोई देखोती हो
मन को रात पिनथती साइया जी साडी बिया होती हो
निक लागेन सुट सालावार जब से भोई देखोती हो
मन को रात पिनथती साइया जी साडी बिया होती हो
रात के नानी दिया वे दिन के नाँ चेना
ओटा भी न तडबे अगेले खोता में मैना
निक लागेन सुट सालावार जब से भोई देखोती हो
मन को रात पिनथती साइया जी साडी बिया होती हो
रात के नानी दिया होती हो
बहुत अकेला मान रामा कोहल न काहता
हरी रात दिन तोहरे आदम डुगल रात आई हो
जब से भोई देखोती हो मन को रात पिनथती साइया जी साडी बिया होती हो
निकला गेना सुट सालावार जब से भोई देखोती हो
मन को रात पिनथती साइया जी साडी बिया होती हो
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