Nhạc sĩ: Sharvan Balambiya
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अपने मेरे मेरे महर्मानों जब राजजीत सेन राणी आतम देके पहुँचते हैं तो राणी आतम देवे को उदास देकर रुकी होते हैं
और राणी आतम देसे उसके उदासी का कारण पूछते हैं और उसे किस परकार से समझाते हैं सुनेरागनी के मात्रण से
ओ साजवता मेरी राणियाद
ओ साजवता मेरी राणियाद
ओ साजवता मेरी राणियाद
ओ साजवता मेरी राणियाद
ओ साजवता मेरी राणियाद
ओ साजवता मेरी राणियाद
ओ तेरी समझ में ना आया तू भिकर कर हैं परीकिसा
भटी कटी ज्वाने उमर में भी चेहरा राख्या मरीकिसा
ओ पड़ मेसर के भजन करकर दिल कर लोहे किसरी किसा
ओ नारद जैसे दुखी हो लिये
रूप मांग के हरी किसा
ओ रूप मांग के हरी किसा
ओ कोपी जन भरत रे जैसा क्यूं देश निकाड़ा कर रिये सै
अरे कुन सीष्ट दाहूर बता तेरे दिले खाड़ा कर रिये सै
ओ नारद जैसे दुखी किसा
ओ कोपी जन भरत रे जैसा क्यूं देश निकाड़ा कर रिये सै
सचित आनंद याद रहना पल्ले बंदे फिरे मोके
पल्ले बंदे फिरे मोके
हम इस खोपडी बरे नहीं सब हर लिये धन छोटो के
चने कितने चले गए दुनिया ते महारे जैसे खो हो के
खमका रो रो के राणी ओड पवाड चर री से
कौन फी चिंता हो रे बता तेरे जीले खाल कर री से
एक बारी ड्यान खोमे जा कारणी चने धन छोड़े फिरे मोके
पल्ले बंदे बंदे बंदे बंदे बंदे बंदे बंदे हेटरी को पलटे जय हूँ
आओ आओ स्परी चिन डिसेलत ऑटॉट को अट व्ययवहव टॉट थोट को
मार छुट छुट
पड़ में सर के वचन भरे क्यू भूल गई राणी आके
त्रस्टी करता याद रहाना पच्टा वे उस घर जाके
तन मन दर पे भजन करे तर
पड़ में सर के चितल आके
के चंदर लाल रोमत राणी कीत फिकर के गाँगा के
कायागन कौट किलाड हाँगे कर कागत वाड कर रीसे
सुन सी चिलता हूँ रे बता तेरे जीने खाला कर रीसे
दीने खाल करे रिशे
शाच मत मेरे राणी
अपना यूबन माड़ कर रिशे
कुल सी चिंता हूर बता तेरे
दीने खाल कर रिशे
दीने खाल करे रिशे