रात रो रो के गुजारी
हमने रात रो रो के गुजारी
हमने देख ली यार की यारी
हमने रात रो रो के गुजारी
हमने देख ली यार की यारी
हमने रात रो रो के गुजारी हमने
ना वो समझे ना समझना चाहा
बात तो कहती थी सारी हमने
रात रो रो के गुजारी हमने
देख दी यार की यारी हमने
रात रो रो के गुजारी हमने
रो रो के गुजारी हमने
अपनी तक्दीर थी उनकी खाहिश
बाजी जीती हुई भारी हमने
रात रो रो के गुजारी
हमने देख दी यार की यारी
हमने रात रो रो के गुजारी
हमने
जीती है एक यदि शिक्ती कहोगा यहां था
वह अभिकर हो है इसे निर्भ आशोच ने
भने यहां था आप अपने
प्रत्यु छोटकारे प्रकार पैए तो फिर लगे जाना है आप
रात रो रो के गुजारी हमने
देख दी आर की यारी हमने
रात रो रो के गुजारी हमने
Zindagi चीज थी अपनी परवेश
Zindagi चीज थी
जिति अपनी पर वे एक बेदर्द पेवारी हमने रात रो रो के गुजारी
हमने देख ली यार की यारी हमने रात रो रो के गुजारी
हमने देख ली