रान्ज़ मिचारा गये
चली तुर चली एओ उसका
इतना खिर ब्यों कि इसका बें, तेरी खोन न देखो बाद
मेरी भीरे नी
अरिसाविच तेरी खांग
मेन मोत मिटा देव लखवाभी तेरा लूचन मिटना ना
रजन दावे
मंजली तेरी जगाओ खारे आजा तारे के पहले सारे
तेरी लाव लूचन ना आजा तेरी खारे बिच तीमा में तेरी खंद माव बिच परजा
मेरी उसी लाव लूचन ना जावे
जान तली जे
रखे अपनी प्यार दिरादे तुर दे जाए
रजन दूरी चर्मन पिकर लूड चाँ
में बलगी याँ तां रख गंगा तू घुलखांद कर लेचाँ
रजन दावे
जल जल जले आज तू
पिकर लादे चूटी अगर दावे मेरी खाँद कैसा हाँ
में नहीं रही
हर ताबित तेरी खाँद मैं मातम कादे वो लखवारी तेरा लूचन ने तुना नाव
रजन जावे
जल जल जले