जीजा घादे आईल बनी छोडी के साइया के घाद
होलिया में जोडता रहना ता हम से बुढ़ावा जवान गाऊं भार
जीजा घादे आईल बनी छोडी के साइया के घाद
होलिया में जोडता रहना ता हम से बुढ़ावा जवान �गाऊं भार
एसण हुआ ईर काहे मा जाएदू आईल बाहोली जुठे डेरादू
आगीचपकचपक डलावाई दूना
आगीचपकचपक डलावाई दूना
आगीचपकचपक डलावाई दूना
आयावतों से उठाली
साली तो होली आधी घरवैली
देने के बाता जी
ना जीज़ा पियले बारा
तू ता बहुत ऐसा राब
तो हर होली में लागा ता नियत खारा
जीज़ा के अपने दिल न तोड़ा
उचु न होई तेंसन छोड़ा
होली के सोभा बढ़ाई तूना
रंग चपक चपक डलावाई तूना
रंग चपक चपक डलावाई तूना
होली के देहां
तू यही सनसावाद हो
अगिलो साल साली रखबू तू याद हो
आदो फुसलाई मुझी
बीचे पहुडल बापूरा महाला हो
आके कहो दे दूअरी पहाला हो
आईन पाडू भेर दिन बाद हो
आँ कितना छोड़ी है तूहारा के आजुहा
सुधीर से गाले रमवाइ तूहा
अरणा चपक चपक डलवाइ तूहा
अरणा के चपक चपक डलवाइ तूहा
अरणा के चपक चपक डलवाइ तूहा
हर रही ना जीज़ा जी