प्रोवत हो जगलीरो दिप्पस्त साइया
साइया
साइया
गैले बिदे सवाह साइया कारे कमाईया
डाबल मिहनत कारत होई हे हो साइया
साइया
गैले बिदे सवाह साइया कारे कमाईया
डाबल मिहनत कारत होई हे हो साइया
राजा दुबाई में रोवत जब हुई है रोटी बेलत
दोवत हो जब हुई है रोटी बेलत
दोवत हुई है कपड़ा सैया दिये उटी से हवते
बित जात होई रात खनवा बनावते
दोवत होई है कपड़ा सैया दिये उटी से हवते
बित जात होई रात खनवा बनावते
बर्तन कैसे है ये धोवत हो
ओ ओ ओ ओ
राजा दुबाई ये मेरो वत हो
जब हुई है रोटी बेलत हो
ऋ ओ ओ
राजा दुबाई ये मेरो वत हो
जब हुई है रोटी बेलत हो
टो वत हो
डाजा तू
टो वत हो
जब हुई है रोटी बेलत हो
देखिने
देखिकि सपन पिया यादु मोरे आवत होई है
दीपक सहानी कैसे मन की मनावत होई है
का बता ये सखि बहुत दुखबा
देखिकि सपन पिया यादु मोरे आवत होई है
तमगिद दिलीपु कैसे मन की मनावत होई है
राजा दुबाई में रोवत हो, जब हुई है रोटी बेलत हो
राजा दुबाई में रोवत हो, जब हुई है रोटी बेलत हो
गाईले बीदे सवा साइया, कहा रे कमाईया, दाबाल मिहनट कारत होई है हो साइया
साइया, गाईले बीदे सवा साइया, कहा रे कमाईया, दाबाल मिहनट कारत होई है हो साइया
होई सुखावाना मीलत राजा दुबाईन रोवत जब होई रोटी बेलत