ओ मिठी मिठी वन्सी हो बाजी है जमना किनारे
हो रादा राणी आजाना शाम तुझे तेरा पुकारे
मतकी भर के मखन कीले आणा
अपने हाथों से शाम को खिलाना
मतकी भर के मखन कीले आणा
अपने हाथों से शाम को खिलाना
मतकी भर के मखन कीले आणा
अपने हाथों से शाम को खिलाना
मतकी भर के मखन कीले आणा
अपने हाथों से शाम को खिलाना
नाच रहे मोर पंछी सारे रधाराणी तेरा शाम पुकारे
बन्शी की धुन पे नाच के दिखाना आज चले ना कोई बहाता
बन्शी की धुन पे नाच के दिखाना आज चले ना कोई बहाता
फूल खिल रे मोष्म को सुहारे रधाराणी तेरा शाम पुकारे
आज रधा कु आगे तीछे डोले जादू तेरा शिर जढ़ बोले
आज रधा कु आगे तीछे डोले जादू तेरा शिर जढ़ बोले
विश्णदाइमा बोल तेरे प्यारे
रधाराणी तुझे शाम पुकारे