कहते तानी हो मसो हसू न धारो तोहरे बाते से जोरे जीया हो
कतिया कोरबना कोरबना भूसा भरबना भरबना गे हूँ धरबना धरबना भीया हो
कतिया कोरबना कोरबना भूसा भरबना भरबना गे हूँ धरबना धरबना भीया हो
राप राप राप भूल राप ची
हाँ कबवा करीला जैसे कर न करानी तोऽब न घरना से आवे दाना पाली
जब लेखे कदोर भले मो चीज़ो दोर तोहर कोड़ब खड़ी कतिया हो
कतिया कोरबना कोरबना भूसा भरबना भरबना गे हूँ धरबना धरबना भीया हो
कतिया कोरबना
कोरबना भूसा भरबना भरबना गे हूँ धरबना धरबना भीया हो
करते हैं
सो भरबानी हाम नहीं कविता से काम बस माने लाना
मुर्बतिया हो
कतिया कोरबना कोरबना भूसा भरबना भरबना गे हूँ धरबना धरबना भीया हो