बहिना मिलेलाई
सजन
पानी बरस रहर बाद
आगल गल बातन बदल में मनमा तरस रहर बाद
बहिना मिलेलाई सजन पानी बरस रहर बाद
पुरुबा पवन के ज्जोक अजबे फिलिंग जगावे
बुंद बुंद इबार इसके
प्यास मिलन के पढावे
के तलो समहरी समहरी लनाहे सारी सरक रहर बाद
बदल बाद पुरुबा पवन के ज्जोक अजबे फिलिंग जगावे
होसमेना बाने हम
जागल बाहे शास हो
होसमेना बाने हम जागल बाहे शास हो
सेनस सातके राखाँके बिजली कड़क रहर बाद
बहिना मिलेलाई सजन पानी बरस रहर बाद
बहिना मिलेलाई
सजन पानी बरस रहर बाद