सुना धाया
ना चानीया के आशिक भुये मोर सब्भाईया
उड़ा देले उपरे पिछे उज़ो कईया
समझाई
लेकिन समझे ना बहुत भीया
और केस्टा में बिताई देला
भातार सारी रोतीया
आवे साद पर जाएगा
चुछुबे हर मिलने हो
सजन माई कदम हर मिलने हो
ज़वीया खाथिर पड़े पहईया अरे पहईया ना चानीया के आशिक
भुये मोर सब्भाईया उड़ा देले उपरे पिछे उज़ो कईया
एक रहसेनी मन रहती बाबुजी के घरे
सेज़ पर ज़वानी तडपे
कुछ हो ना करे
रदिया के ज़वाने हो देवादा के ज़वानी कोरक हावावे हो
सजन सिवानी के देले ना कोहो माईया
ना कोहो माईया ना चानी ये के आशिक भुये मोर
सब्भाईया उड़ा देले उपरे पिछे उज़ो कईया