मोती के सीप जैसे राखे समार्गे हो
उसही कर जवा मेराखे तोखे डारगे हो
सावर ना गोर पता है पन बालु जान हो देहियां बसोना चे खान हो
उत केलल यादे की लल चेला माना मान लाके पना रस बाला पान हो
हाथवा के कंगना
मुठवा के लाली
तोहरे से सो रहो सिंगार बाबाला
अख्या के कजरा कनवा के बाली चमकत बिंदिया लिलार बाबाला
प्रेम रस बापी येला मन के फांवरा भाईल बाबे हाल हो
फांवरा रहते तू तरसाना
राणी आबानरी संभाल हो