बीदी मानू में
कैसे
चांधी मेरो ना लिकिड़ा।
अच्छा हुआ आज आपने मुझे मेरी औखार बता रहे हैं।
एक बात कहूँ,
आज के बाद किसी लड़की के दिल उसके जजबाद से मत खिला।
वना एसी हाई लगेगी,
कि जिंदगी भर प्यार के लिए तरस्थे रहोगे।
मुझे पता है यार,
मैं आपके लाग नहीं हूँ।
आज के बाद किसी लड़की के दिल उसके जजबाद से मत खिला।
जिन्हां दोष्टों, ये हमारा सीरियल लंबर 0800-10
और हमारा यूटूब चैनल सनामिवाति ओपिस्येल,
जिसको लाइक, सिर्क्राइब करना ना भूले।
जा रोहे छूवड के इकीली तुमों हैं,
कैसे रहूंगी मैं।
जब तो कहने ही सुने तुम असू,
छूवड के न जासू,
तुम अहे मैं।
जा रोहे छूवड के इकीली तुमों हैं,
कैसे रहूंगी मैं।
छूवड के पीवा फाने
दिली है न गांके नी,
चलो वो विश्वास देके छूटी कसंखाके नी।
मेरी मज़बोरी वागी घर सुके रे गेल रे,
ना जानी महोबत मेंने कारे पहली पहली रे।
दिली का टूकडा वूआ गाई तेना,
मूल जखामत्रेने गेहरा दिया।
जा रोहे छूड के इकी ली तुमों है,
कैसे रहूंगी मैं।
कैसे रहूंगी मैं।
तेने महोबत दिली में जगाई,
दुनियाने लाड़ोवा में
आगी लगाई।
यादने सतायो तेरी, रोयो फूट फूट के,
तेरी कुछ निसानिया है, फोटूं जी रोधी अख में।
सभी
पूछे है,
गम है कसी को,
वताऊं तेरी दासत में। जा रोहे छूड़ के, इकीली
तुमों है,
कैसे रहूंगी मैं।
कैसे रहूंगी मैं।
जा रोहे छूड़ के,
कैसे रहूंगी मैं।
अच्छा हुआ आज आपने मुझे मेरी औखार बता दे।