मायावी अखियां तेरी
करने लगी क्या जादूगरी
मैं हूँ यहाँ खोय खोया
तुमसे मिले ये बेसबरी
मरकज हो मिरी दुनिया के तुम्हे
आतुम सा कोई नहीं
एद करो जुल्फूं से जड़ा चाहो
कभी ना हूँ ना रिहां
रूह में घुल ले संग
कुछ तर इतने मेरे नज़द एक तुवां
खुदनत से मागा है डाली है अरजियां
अब आगे होगा जो
किसमत के मरजियां
जो भी होगा होगा जो भी
जो भी होगा होगा जो भी होते होते आएगा दिन
ऐसा भी कोई जब तुम मुझे से ये कहोगे कभी हम तुम से बने एक जान नए
जंदरी का चलंग बस है तो यही मरकज हो
मेरे दुनिया के तुमें आतुम सा कोई नहीं
यारा यारा गाता हूँ सारा दिन सारा
माने ना माने दिल ये कैसा है बेचारा हाँ
मूर से तेरे जो टकराएँ वश्में वो तेरे आजाएँ
मुश्किल है अब होना गुजारा तुम नो
मिलो तो मर जाएँ जो भी होगा होगा जो भी
होगा होगा जो भी होद ते होद ते आएगा दिन ऐसा भी कोई
मुझे से ये कहो कि कभी हम तुम से बने एक जान लए
जिन्दगी का चलन बस है तु यही मरकज हो मेरे दुनिया के तुम्हे
हाँ तुम सा कोई नहीं मार्यावी