बोलीये रहनावाली मईया की चाहो
आईएगा दोष्टो ये भी रहनावाली मईया के भजण
जिनके राइटर है सोनु वघेल नहीं प्राँड
सिंगर रञ्जीक मस्ताना एक ढूट चेनल में कैसे
हो मेरी मईया रहनावाली तिरो भजव सजो दर्वार
मापी नू नीचे बैठी तिरे भद खड़े है द्वार
दे जईयो सईया पार करो नईया सरण लाई तेरी
मात आजा मेरी
बोलिये सच्चे दर्वार की
सनिवार कुमेला लागे सबके कश्च हरे
जो कोई आवे सच्चे मन से खाली जोली भरे
जगत की रखवाली है मा जगत जननी है तुन तो
हरे सब जगत की रखवाली मैया लाज रखो मेरी
सब जगत की रखवाली मैया लाज रखो मेरी
अरे दिरे नहम की माला मेने रात देना फेरी
पेट चड़ाऊं तेरे दरपे उमन में लगी मेरी
मैं अज्यानी बालक मेरी लाज रखो माता
मैं अज्यानी बालक मेरी लाज रखो माता
अरे दरे रहो सिराहात भवानी पोत्र यही चाता
वो रझित गावे मतो कु मनावे सोनू सरड तेरी मात आजा मेरी
मात आजा मेरी
तेरी मैं या रहना बाली तेरो अजव सजो दरवाल मा पीलो
नीचे बेठी औरो भगत खड़े तेरे द्वार देज़ईयो सईया पार
करो नयीया सरड लाई तेरी मात आजा मेरी मात आजा मेरी
सरड मा लाई तेरी
मात आजा मेरी