सब बदल गया जो नैनों को लुबाते थे
सब बदल गया जो नैनों को लुबाते थे
सब बदल गया जो नैनों को लुबाते थे
वो पल भी शरम सर जिस पल तुम मिलने आते थे
वो कोन सा नशा है जिसमें छूर हो गये
मशुहूर क्या हुए कि मगुरूर हो गये
मजबूर क्या हुए कि तुम दूर हो गये
मशुहूर क्या हुए कि मगुरूर हो गये
कुछ सोदा हुआ था एक रात को
शायद भुला दिया तुमने हर बात को
छीन कर चैन दिमरैन तुम बदलते गये
सरद वर्मा तेरे बाह क्यों पिगलते गये
दिल के कुसूर वार बे कसूर हो गये
मशुहूर क्या हुए कि मगुरूर हो गये
मजबूर क्या हुए कि तुम दुर हो गये
मशुहूर क्या हुए कि मगुरूर हो गये
आआआआआ