शहर तेरे दूल ठावे छोरी गाम की
उसताध तेरे मला जपे मेरे नाम की
समझ नहीं आंधी जिनने बाशा प्यार आली
रहना नहीं मनावे मेरी जुती चाम की
चाल दी ट्रेंड के हिसाब तैनी मैं
जो तीज़ पालिउं बने जब रेंड सुनले
खो काड राखे दो गलियां के वैम सुनले तेरे जिसे करें नैम मैम सुनले
हद नाल ही मेरी भोले की सैंख तीसरी बैरीयां पे करदी ना रैम सुनले
रहना ध्यान मेरा के रे जिसे पानी मारा पे
ना के फ़ुटू ख़टू आडे का मैं रखू कारापे
सक्सस पच्छे कहाणी संगरश भरी ही ना मिल दे
मुकाम बात बात मारा ते
मेरे हड़ ही please
बैरीयां के आगे खड़े ज़ाड बरगे
रह बैरीयां की आच्छी माड़ी सुने कौन था
मेरी तारीफ में आगे अख़बार अडगे
रह गोजी मैं दन काफी है गुटलक आली राशी है
जो पुरे टैम मैं थोड गए थे सारे मांगे माफिये
काट रखे दो गलियां के बैम सुन ले
तेरे जिसे करें नेम मेम सुन ले
हद नाल ही मेरी बोले किसें आँख तीसरी
बैरीयां के खड़ दीना रेम सुन ले