सगरी
बलक बाके तू ही माहतरीया
छोड़ी के तू जालू कहा कवना नगरीया
आईले ऐसान
कईसंस मैया कि माई अपना बेटावा के छोड़ी जाली रे
अखिया बुझे नाई
बतियानू हो
काटे धावे माई रतियानू हो
खोस रही तुहां के बोला के
जैबू तुम सब के रोआ के
अब तुही कुछ बोला ना मैया
कि माई
कहें बबू आसे दुरे जाली रे
कि माई कहें बेटावा के छोड़ी जाली रे
सूना कऊँवा जबर होई हो माई सगरी अनहर होई हो
ना जरीया ए माई बिनती बातों हो से माया
रिया साल भर देखत रही सबे तोहर रहीया
कि माई अपना बेटावा के दुरे जाली रे
कि माई अपना बबू आके छोड़ी जाली रे