Nhạc sĩ: Ravindra Jain
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लक्षमी संग जहराजते मंगल बूर्ति गड़ेश
लक्षमी संग जहराजते मंगल बूर्ति गड़ेश
सिथ्य सनन गजवदन तहव शुभ शुभ करे हमेश
लक्षमी नमो नमः गणपति शुभ धायक नमो नमः
माता तुम मंगल मैं चदश्यी चटा अपूर।
उत्तर दक्षिन व्याप्त हो वान्छित पश्यम्पूर।
लक्षमी नमो नमः माता महा लक्षमी नमो नमः
जो तुम्हरी आराधना करता चित लगाई
जो तुम्हरी
आराधना करता चित लगाई
तीन लोक तिवकाल में शासत आध्यारूप।
तीन लोक तिवकाल में शासत आध्यारूप। सबको
लक्षमी कामना क्या निर्धन क्या भूप।
लक्षमी नमो नमः माता महा लक्षमी नमो नमः।
युगल मूति दर्शन करत नैना होए निहाल।
जापर सब किरपा करें जापर आपके पाल।
लक्षमी नमो नमः। श्री श्री नरायन नमो नमः।
लक्षमी लक्षमी सब कहें हरी हरी कहे न कोई।
लक्षमी लक्षमी सब कहें हरी हरी कहे न कोई।
हरी लक्षमी जो संग कहें दोनों को प्रिय होई।
लक्षमी नमो नमः। श्री श्री नरायन नमो नमः।
दोनों प्राणाधार हैं दोनों विश्वाधार।
दोनों प्राणाधार हैं दोनों विश्वाधार। भक्तों की दोनेन हैं।
हरी लक्षमी जग साल लक्षमी नमो नमः। श्री श्री नरायन नमो नमः।
लक्षमी महकालिका महा सरस्वति एश्ट।
भीनों सेमं भक्तिका है संबंध घनेश्ट।
माता नमो नमः। रैधेवी माता नमो नमः।
सर्व अमंगल धूर कर मात करो कल्यान।
समा देहु करुना मैं जानो निज़ संतान।
होते पूत कपूत पर मात न हो एक मात।
सदा करे संतान पर ममता की परसार।
लक्षमी नमो नमः। माता महा लक्षमी नमो नमः।
रविकिर्णों समा आपका निर्मल दिव्या लोक।
रविकिर्णों समा आपका निर्मल दिव्या लोक।
होता
आयुश्मान वहे जो देता नित धोक।
लक्षमी नमो नमः। माता महा लक्षमी नमो नमः।
लक्षमी नमो नमः। स्रीशी नरायन नमः।
अभिनवरूपा सिन्दुसुजाता आधिशक्ति महा लक्षमी माता।
पित्य
अथ्मध्यन
कोई जाने
ईश्वर शक्ति तुम्हे निजमाने।
उमारमा तुमही कमाणी।
उचे जड़ित जगत कल्याणी।
एक
निष्ठ हम
दासति हारे।
ऐसे
हैं सोभाग्य हमारे।
ओंकार की
बिंद्धु स्वरूपा। और न तुम सम देवि अनूपा।
अंकित मन पर छवी कर
माता। अहर निशस्तुति तोरी गाता।
कमला कमल नयन को भावे। खोजत वीद रहस्यन पावे।
खरुडा रूढ
विश्णू संग आओ। घर आगन
संपन बनाओ।
जनचल प्रकृति चरीच अनूथा। चात्र चाऊं बिन हर सुक जूठा।
जटित आश्वरत पर आरूढा। जरत नवन जल गज कर सूढा।
जरत नवन जल गज कर सूढा।
जरत नवन जल गज कर सूढा।
धानस
देखर नाओ समभालो। नमो नमो सुर नर्मुनी गावें। नमो नमो कहीं
शीश जुठावें।
तुम शर्णागत की दुख हारी। धकत नबातत निधिया सारी।
नारायणी नारायण प्यारे। नर्नारी आधीन तिहारे।
पदम मुखी पदमाक्षी माता। फिर फिर निर्खत मन ना घाता।
महा माया की अद्भूत माया।
चग भर माया। यदी अनुकम्पा मा की पाए।
चरण चरण
में वे हारे नहीं जीवन रण में।
श्रीशाता शुत्वा वर्दानी। शेश रक्षिका लक्ष्मी रानी।
सर्व
समर्च देवी मन भावन। फो चोदेह रतनों में पावन।
शम करो हर दोश हमारा। ये गुनातीका ताप त्रहारा।
ये गुनातीक तहें तुम्हे ज्यानी। हम क्या वरणे गुन महराणी।
कलिमल हरणी विमल
सुखदानी। निर्मल मन दो निर्मल वानी।
निर्मल मन दो निर्मल वानी।