होली हाँ
होली मैं मना बहता बेलू
देड़ा बड़ा बड़ा बोला बेता हुच देबा रे
हाँ गोंड जी के बेटी जाके कूच देबा रे
होली के तीने यसे बोले के ना गोरी
हमरे के अलसेन पैसेन पूछा जाना छोरी
तो के लगाई भम प्यार वाला रोरी
डर लागे राता देबा धाई के खरोरी
होली में करता उड़ा लाए कोरी
काहेला मना बेलू
नजा हुआ बेलू
उजादी साना के मेजाज दाहन छूच देबा रे
हाई गोंड जी के बेटी जाके कूच देबा रे
तोहरा लाया इल्मानी रानी होता बार के
आयुग नजरी रहो हमसी कतर के
रंगे के मान करे तोहरे दितार के
खुली ना ताला सुना हमारा सट्वर के
सागर से बाता तुताया पना पता के री
एसे के कहें डेरवा बेलू
तो रधा के पिचकारी हमा खूच देबा रे
हाई गोंड जी के बेटी धाके कूच देबा रे