पनिया क्या जड़ा वाला,
उठालो लोनी आहाँ पुछाती सी
उड़ा होत जाला हमालालालालाल घागारा,
भरसे निकली ये तो होला मार ज्ज़ज़गारा
पुरे पुरे हम ना भरल बतलः सानवे आहाँ सारावी
आरे करिया काजारावा, होठललिया गुलावी
अच्छा?
अरे तहार माहल तो बढलें बाहो
साउच्छा खोड़ीया काजारावा,
होठललिया गुलावी
साछो
चेहरा तोहा बाजान मार बे जोर हो,
काहम बताई लागे लुदु धवसे गोर हो
अच्छा?