हही शोको छहरा मिला
खाबो, ख्यालो, हाही शोको छहरा मिला
मेरे होने का मतलब मिला
कोई मिल गया, कोई मिल गया
हाँ कौनु मिल गया, कोई मिल गया
हौँ, हो, हो...
यू तो हम तुम मिलने को मिलते रहे
पर क्यों आज ऐसा लगा कुई मिल गया
कुई मिल गया
हां, कुण मिल गया
कुण मिल गया
हां, पून मिल गया
हां, पून मिल गया
कुई मिल गया
मुझसी मिलकर क्या होता है ये पतलाओना
ये पतलाओना
बात ये हम कानों में कहेंगे पास में आओना
पास में आओना
जो बात तुम कहोगे वो बात मैं भी जानो
ये पास में आने की मैं बात नहीं मानू
सुनो ना, सुनो ना, सुनो ना
यू तो बाते करने को करते रहे
पर क्यों आज ऐसा लगा
कोई मिल गया
कोई मिल गया
हाँ कौन मिल गया
कोई मिल गया
आकर मेरे पास में तुम हो
जाकर भी हो पास
जाकर भी हो पास
इस एहसास के जैसा कोई और नहीं एहसास
और नहीं एहसास
ये जो भी हो रहा है क्यों जानता नहीं मैं
अपने ही दिल की बातें पहचानता नहीं मैं
पहचानो पहचानो पहचानो
दिल तो अपना पहले भी धड़का किया
पर क्यों आज ऐसा लगा
कोई मिल गया
कोई मिल गया
कौन मिल गया
कोई मिल गया
खावों, ख्यालों, खाहिशों को छहरा मिला
पर क्यों आज ऐसा लगा
कोई मिल गया
कोई मिल गया