क्या तो हरा दाबाली
आरे सब रखत तनी
सुन सुन येरे कैसा तापाली
तोर चाच चली की उठालाली
अज तोई चाच जब ताँगी देते
मौगी समझी के मारले सा
केराने के पानीये में ज्ञारले सा
आमाऊगी समझी के मारले सा
तोह निक्खाती बाते हमारा फिरी
देवे खातीर बापा तो तकीर कीरी
हमाँ भुचा हतानी कोड़ी कहामो डम्बारा जोडी
हमार लाहा गाया के उसारले सा
केराने के पानीये में ज्ञारले सा मौगी समझी के मारले सा
केराने के पानीये में ज्ञारले सा मौगी समझी के मारले सा
ज़िन्ग भाई अजीद सेहा
सुन्यर के सक्ता पाली तोरोड चाचली की उठालाली
हमी चाचल तो तानी देते
दुनों को लकाई कोहरा दबाली
अपना देहीया के गरमी उठारले सा
केराने के पानीये में ज्ञारले सा मौगी समझी के मारले सा
केराने के पानीये में ज्ञारले सा मौगी समझी के मारले सा