पादी संताल
पादी संताल
कहिदे ने, केवोछे
तारो आप्रेम, शुतार आज जेवोछे
आखो थी, उतरीने
तिलने डूबावे, आप्रेम नीज लहरोछे
मारे तन कहमूछे, तारी साथ रहमूछे
बनीने नदी, जोडे खाट-खाट वहमूछे
मारे तन कहमूछे, तारी साथ रहमूछे
बनीने नदी, जोडे खाट-खाट वहमूछे
वादलों ने पेले पार, घर एक राखू
पकड़ू सितारो एक, नाम तारो राखू
वादलों ने पेले पार, घर एक राखू
पकड़ू सितारो एक, नाम तारो राखू
तारी मारी प्रीत, आज अग आखू जाने बस
जाने ना तू, जाने ना
दुनियाने कही दौँछू, जाहत पर आ
तारी हत मारो, पहलो बस मारो
जपहलो छे, मारे तन कहमूछे
तारी साथ रेहमूछ .
बनीने नदी, नोडे, खाट, खाट, वहु मूछ
मारे तन कहୂमूछ, तारी साथ रेहमूछ
बनीने पमर ह मूछ, तारी साथ साथ वह मूछ
थारी साथ रेहमूछ
नदी, नदी, नदी, नदी, नदी,
तारी साथ रेहमूछ