उज से जैसो माही मारो
मैं माही दिही
होना चाहूं बस तेरी जोगन
वो पाऊं हाथों की लखी
जिस जैसो साथ निबायो
बैया
पूछे नह क्यूँ बहायो
है न याँ
इतना सरूरी नह हो हर सास दूरी नह हो
तुझ से मिले जो निगाँ है और बात पूरी हो
हो की खतम हो की शुरू हूं मेरी आशकी
मेरी जुस्त जूद जुसे ही
निमे कमली मै कमली मै कमली आरदी