कमरिया की तबावेला
आधिया थी रोतिया की जाक चल रैज हमारे पहाँच धुगलाक चल रैज
अपने तो
जाकेलो
हमके जगावेलो
पुझाला
जागे जागी रात में
रोहे लोग खात में
रोहे लोग खात में
तुम कईया बनाईने बारा एह राजा हो पुरा देहिया
हुँचाईने बारा एह
राजा हो
जानतानी मोका के भाईदा उठाबेलो
कमरिया के दाबाबेलो
खुटा ही दोरा दिया देखे ये सहीया
कमरिया के दाबाबेलो
गरमी बठन धागो दा बारा फुरा गारके आबो से फिलिंग पुझा
हमारा भी तारके
जब सारी में देखोना परहे नह जगईलो देहिया के हमार पुरा दैने नह जगईलो
दुख देके देहाती ब्रीजेस का पाबेलो
देखे ये सहीया कमरिया के दाबाबेलो