जानी बले मेरी सते ही तर वर्खन लें हिमरूजा
शंकु बले एक ताना है उसने बाजारा
जी मनी माहल माई हम दरवर
पम्मना गंजती कुलेवाख
शाम सबारे मेरे दो देले
दोजवा
तो मनी
जानो साहो वरवाहे
दाके में मेरे जिन्दमान मानी
मचातो भी त्रानद भेला बाशालाई
तो मनी जिरद जन्नते बागें
तो मनी अस्तियो जहाँ गंजें
दीद गैरो को जिन्दमानी ये
तो गुलेवाख शाम साहो वरवाहे
दाके में मेरे
देले
दाके में याथा लीबाः सबजें
के बाख में फ़तो दलजही रेगें के जंदगा तईगा बाश बुरा दीगें
के बाश दौलदारे मेरे दूलदाराग छूब आइस्तातो पाको पलगारे
के तैसर हैराता मां मानाई के पर्छीतो दीडें महरबान जंदे
कोड़ मना शेदा मल लगा कबगी दल मेरे टाइमा पडाश के
बस तरायक दिल मनी मनी
बाजो दोगना के तैगोलें दूलशं
उपते ही आइंदा मा अजाल नाजें
बात मेरी गेंजने कारे के डकू में मी दो
जुलपां सा मारे दल को तक बंदीक में हमोग देमा
गर्ने तें दूजवा तो बहार बागें चे लाड़ो पेंज़र
तो बेसारे न पीड़े तो अश्रांगान अभीव सरपात
तै जवानी ये मेरे मेरे बाला
जरदा तू ही नी यरदा मान मैं गा
पुर मेरो जवान रंगें
शांकवडो दा बिंग्रांप भाजंदे मैं सदूले लाया भीभीहां गुल
तो जरी अंच मेर वशिन के
बेतरा छोएं दल रजा बितें के तराली कितें
वतीमान के तो मनी गयो मनत ही कालें
बिया जवानी ये न बरहें जिन्दा
के मनत गवाजेन हुल यक जाईं के जिन्दगी तहना मजपरो गरानें
मनी माहल माई हम दरवर पमना गल जेते ही गुनें वाहार
आंसा पारे मेरे तो देले दोजवा
तो मनी जानो साहो अरवाहे