खर जा मानस की कमजोरी
मानस तूटे पोरी-पोरी
मैपिल मेरे बेठ के मानस
नुवे हसे जोरा-जोरी
चिन्ता छोडे ना दिन-रात कटे भूखे भाने
सब तैं बड़ी मार कर जाकी
जिसके सरपे वो ये जाने
सब तैं बड़ी मार कर जाकी रजिसके ओसे वो ये जाने
ओ बापू मर ज्या खेत पाड़दा सिर पे करजा था भारी
बुद्धी माने भी रो रो कै उम्र बिता दी सारी
खर कर आना गाट का मुश्किल हो ए ठीकाने
सब तैं बड़ी मार कर जाकी जिसके सरपे वो ये जाने
सब तैं बड़ी मार कर जाकी जिसके ओसे वो ये जाने
ओ ना रो ए मेरी जान बावली ओ सारा दोस्ट नसीबा का
जपड़े वकत की मार फेरना चाले जोर गरीबां का
शे मीने कीत कमाई बचे ना खाने न दाने
सब तैं बड़ी मार कर जाकी जिसके सरपे वो ये जाने
सब तैं बड़ी मार कर जाकी जिसके सरपे वो ये जाने
धर मेंद्र बेड़ वे याले का वकत ने मार का सूती मारी
एक के करके भिकी चीज जो थी जान ते प्यारी
एक के करके भिकी चीज जो थी जान ते प्यारी
आजू पंजाबी भाईयो रे पढ़ते फर्ज निवाने
सब तैं बड़ी मार कर जाकी जिसके सरपे वो ये जाने
सब तैं बड़ी मार कर जाकी जिसके सरपे वो ये जाने