चले थे सात साथ, रहेंगे सात साथ
हर कु बोली में हम कहेंगे एक बात
पड़ेंगी मुश्किलें लडेंगे सात साथ
हर एक बोली में हम कहेंगे एक बात
जो हम यक जान हैं,
तो क्या तूफान हैं
जो बिफरी मोज हैं,
तो हम चटान हैं
जो दिल हैं पास-पास,
तो कैसी दूरियां
जो रोशन जहन है,
तो क्या मजबूरियां
यकी मुखकम लिये पढ़ेंगे सात साथ
हर एक बोली में हम
कहेंगे एक बात
हम चारो हम दम हर दम पुर दम नहीं किसी से कम
हम अपनी बाहों में उतारे आसमां दिकाए मुझ जे तो देखे ये जहान
न क्यूं दिल की कहें,
न क्यूं सब की सुनें
कि हर दम एक हैं हमारी धड़कनें
मिलाकर बालों पर उडेंगे सात साथ
हर एक बोली में हम कहेंगे एक बात
हम चारो हम दम हर दम पुर दम नहीं किसी से कम
इबादत जिन्दगी शहादत जाम है हमारे दीन का यही पैगाम है
वतन की आन हो,
वतन की शान हो
यही ईमान है,
यही इसलाम है
हमारी एक कोम, हमारी एक जार
हर एक बोली में हम कहेंगे एक बात
हम चारो हम दम हर दम पुर दम नहीं किसी से कम