इतन खजलू
अरे बरो फले खादे ही आम भोईल पाला ये जानू
छूआला पछण
देवू ज़्भाला ये जानू
अच्छा गिजर लगारे तानु
अरे बरो फले खादे ही आम भोईल पाला ये जानू
छूआला पछण देवू ज़्भाला ये जानू
पहिरे खातीर सूतर नाही छीतर खजलू भर जाडा तापे खातीर ही तर खजलू
अरे कवन गरमी रदया के भीतर खजलू भर जाडा तापे खातीर ही तर खजलू
अरे बेसी परोता यो सोके सितला हरी जानू आँ
अरे साल वढ़िके आजो
मिलेबा हरी जानू आँ
तु ज़वली आओ?
नाहो जाड लगता?
अरे बेसी परोता यो सोके सितला हरी जानू आँ
अरे साल वढ़िके आजा
मिलेबा हरी जानू आँ
अरे भोलते जदे देज़ादा यो इसनमी तर खजलू
हर जड़ा तापे खातीर ही तर खजलू
अरे कवन गरमीर जयी आके भीतर खजलू
तापे खाती भर जड़ा ही तर खजलू
पर शम्बेहाँ
इचल बजेलू
पुराना उंबर दिसंबर जनवरी कोमर में कटे
हर जड़ा में जोगाड तब
दो सहरे पाती
हर सुनिल टुन टुन मंदन जसुफी तर खजलू
भर जड़ा तापे खातीर ही तर खजलू
आगण तो भाव बिजाड़ दे