हे साइ,
हे साइ,
दुम भीना उमोर केही नाही
हे साइ,
हे साइ,
गेबे आस धारे अच्छी बाता चाही
सिरिडी धामारे तुमे जाना माने,
दुनिया कु भक्ति प्रेमा देला सिखे
आजिबा न बाई रागी बेसा फाकिरा,
परिबारा तुमा पाई सारा संसारा
बाबा तुमा नमगाई,
भव पाई जिवित राही,
जगत तटा चाले पर तुमरी पाई
हे साही
तुम भीना मुरो मुत्ति नही,
हे साही
तुम भीना मुरो मुत्ति नही,
तुमे गया ख्यो मारो सातो सागरा, मु पापी मनी साटी,
बाटो भूली के बेवा ते गले, बाबा तुमा पाखो फूधाई,
बाबा तुमा हता धारी, ए संसारो जिवितारी,
खाली हाते दाबा नही माते फेराई,
हे साही
तुम भीना मुरो मुत्ति नही,
हे साही
तुम भीना मुरो मुत्ति नही,
हे साही,
हे साही,
तुम भीना उबोरके ही नही,
हे साही, हे साही,
खेवे आसा खारे अचिबा का चाही,
तुमे अनादी बाबा, तुमे अनन्त,
मुगोटे दिना पाती त,
खेते छला ना घेरा मचारी,
पाखे तुमे एका संग्षारी सता,
आहे कली जुगा बतारी,
दिना जाऊ तुम्हा छिन्ता कारी,
आसा मुझ मनमंदिरे अचिबा चाही,
हे शाई
तुमो बिना मोरा मुक्ति ना ही,
हे शाई तुमो बिना मोरा मुक्ति ना ही,
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