अपने लोगें सिंदाल जी मधूर मिथ्ली या मिजी के पस्तु भी
ए
मैया खपडवाली माता काली कंकाली
सुन्नी लिया मोर पुका एलोही के दर्वाल
हम्राने की ओ सहारा पावी सब तर्दुत कारा
करियो हमको न बुजारा जानीने तकल उतारा
मैया वैड लिया हम्रा समझड लिया
एलोही के दर्वाल सुन्नी लिया
मोर पुका
एलोही के दर्वाल सुन्नी लिया
मोर पुका
आबने करियो देरी दियो न जर फेरी
अहिसानी कैल लिया
हम्रा उवैड दिया
करियो हमर
बिराफार एलोही के दर्वाल
जग तक छी पालन हारी बनलाओ दुश्टक संघारी
महिखा सुनता
मारली दिबता के आज समझड
पिसी मुन के आहि सहाडा सब तरहो चै चै काडा
मनी कांतक नयया करुपार एलोही के दर्वाल
जंगी के
नयया करुपार एलोही के दर्वाल
सुननी लिया मोर पुकार एलोही के दर्वाल
सुननी लिया मोर पुकार एलोही के दर्वाल