माहे पगले के बीना
कैसे जीव रे ?
बोलो जीव ते जोहरीया
कैसे पियाब रे ?
माहे पगले के बीना
कैसे जीव रे ?
बोलो जीव ते जोहरीया
कैसे पियाब रे ?
केहु और से अब करब ना ही साधी रे
बन जाएब बागी रे
भला ही हरा दिया हमाहे
मुले पलागी रे
केहु और से अब
करब ना ही साधी रे
बन जाएब बागी रे
भला ही हरा दिया हमाहे मुले पलागी रे
जब तक जीव
मैं भूलाब न प्रीत के
पगली के यद यपने राखब सइइट के
राखब सेइइट के
जब तक जीव मैं भूलाब न प्रीत के
पगली के यद यपने
राखब सइइइट के
उकरीलाला गलबाती दामन मे दागी रे
बन जाएब बागी रे भला ही हरा दिया हमाहे
मुले पलागी रे
केहु और से अब
करब ना ही साधी रे
बन जाएब बागी रे भला ही हरा दिया हमाहे मुले पलागी रे
उहे सुरीलेकेता बियाधारतान रे मुले पमाईहम
जाई पगलपान रे
आबे ना निन्द गईल अखी आसे भागी रे बन जाएब बागी रे
भला ही हरा दिया हमाहे मुले पलागी रे