सक्या रणादार मिलोल
सोच से कौम नहीं ज़यदा
ठोकेला सल हम पुरा गाँव मुहाला गोती निनन होद के तमुह बन जाला
सासुरा मेरोही नहीं कोके हम परदा
हम हाज मरदा
उड़ा वेला होगा रदा हम हाज मरदा
हम भोर से चुपएंगे
सिवानी के मरदा लेखा हूँ है ना बैदा रदा
सिवानी के मरदा लेखा हूँ है ना बैदा रदा
हम हाज मरदा